भारत माता मंदिर में शहनाई की धुन पर गूंजा ‘वंदेमातरम्’, पं. महेन्द्र प्रसन्ना ने दी मनोहारी प्रस्तुति
जन जन की आवाज न्यूज़ 24
विजय कुमार वाराणसी
वाराणसी। भारत माता मंदिर, सिगरा में राष्ट्रीय गीत ‘वंदेमातरम्’ की रचना तिथि एवं इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा मिलने की स्मृति में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पिछले 27 वर्षों से लगातार शहनाई के माध्यम से ‘वंदेमातरम्’ की धुन प्रस्तुत करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पं. महेन्द्र प्रसन्ना ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी।
पं. महेन्द्र प्रसन्ना, मुख्य शहनाई वादक श्रीकाशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी ने शहनाई की मधुर धुन पर ‘वंदेमातरम्’ प्रस्तुत कर वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। इसके बाद उन्होंने शहीदों को नमन करते हुए ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ की धुन भी शहनाई पर प्रस्तुत की।
इस अवसर पर पं. महेन्द्र प्रसन्ना ने बताया कि ‘वंदेमातरम्’ का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना में विशेष महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इस गीत के इतिहास और महत्व से परिचित कराने तथा जन-जन में जागरूकता लाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान भारत माता के मानचित्र को आकर्षक ढंग से सजाया गया। विभिन्न फूलों से सजे भारत माता के मानचित्र ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। पं. महेन्द्र प्रसन्ना ने भारत माता का विधिवत पूजा-अर्चन भी किया।
शहनाई पर संगत कलाकारों में दुर्गा प्रसन्ना, गुलाब चन्द, गणेश प्रसाद, राजू, केदारनाथ मिश्रा (तबला), कन्हैया लाल (नाल), शनि बाबू (तबला) एवं मालचन्द (सूर्य मंडल) शामिल रहे।
कार्यक्रम में अर्पण संस्था की अध्यक्षा इन्दिरा वर्मा सहित गीता शर्मा, पूजा चौबे, सुनीता देवी, रोशनी वर्मा, सुरभि वर्मा, रूद्रीका वर्मा, कैलाश विश्वकर्मा, दिलीप शंकर, सुनील कुमार, तृप्ती, प्रीता, रामजी वर्मा, छब्बू बेनवंशी, नखडू बेनवंशी, रवि सिंह, अभय विशाल, अमित यादव, चन्द्रभूषण, रघुवीर कसेरा (काली बाबू), राजीव वर्मा, राजू सिंह एवं भरत जी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को अर्पण संस्था की ओर से स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं साई ग्रीन परिवार की ओर से कैलाश विश्वकर्मा ने कलाकारों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।




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